ब्यूरो हिरदेश पासवान,महराजगंज।
महराजगंज (ठूठीबारी): जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी में रविवार को एक विशाल ‘हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सीमा पार नेपाल से आए प्रख्यात हिंदू धर्मगुरुओं और संतों ने शिरकत की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। मंच पर लगे बैनर पर “संघ शक्ति: कलौयुगे” कलियुग में संगठन में ही शक्ति है का संदेश प्रमुखता से अंकित था। नेपाल से आए धर्मगुरुओं ने अपने संबोधन में भारत और नेपाल के सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ के संबंध और साझा हिंदू संस्कृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए दोनों देशों के नागरिकों को एकजुट रहना आवश्यक है। कार्यक्रम की शुरुआत में ‘भारत माता’ के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि मंच के पास ही भारत माता की एक भव्य तस्वीर स्थापित की गई थी, जिसे फूलों से सजाया गया था। कड़ाके की ठंड के बावजूद सम्मेलन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा पहुंचे। उपस्थित जनसमूह ने जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। मंच पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और नेपाल के अतिथि विराजमान रहे। वक्ताओं ने सनातन धर्म के मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम देखे गए। यह सम्मेलन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे सामाजिक समरसता और धार्मिक एकजुटता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


