ब्यूरो मुकेश साहनी, महराजगंज।
महराजगंज (सिसवा बाजार): अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल इकाई सिसवा आह्वान पर आज सिसवा को तहसील बनाने की मांग ने एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले लिया। अपनी लंबित मांगों को लेकर व्यापारियों ने ‘सिसवा बंदी’ का ऐलान किया, जिसे नगरवासियों का अभूतपूर्व समर्थन मिला।आंदोलन के समर्थन में सुबह से ही सिसवा बाजार की सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि सिसवा को तहसील का दर्जा देना क्षेत्र के विकास और जनसुविधा के लिए अनिवार्य है। सिसवा बंदी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन व्यापारियों का जोश हाई दिखा।इस शांतिपूर्ण आंदोलन में केवल व्यापारी ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में नगरवासी और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को बुलंद किया और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुँचाई।समस्त व्यापारी बंधुओं ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रख कर एकता का परिचय दिया। आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और व्यवस्थित रहा।सिसवा को तत्काल तहसील का दर्जा देने की मांग पर जोर दिया गया।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि सिसवा बाजार एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र है, लेकिन तहसील न होने की वजह से यहाँ के लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर जाना पड़ता है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।


