मनीष ठकुराई,कुशीनगर। जिले में चोटिल मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा और कानूनी कार्रवाई में आ रही दिक्कतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। अब जिस थाने या स्वास्थ्य केंद्र का केस होगा, उसका मौलाहिया (MLC) उसी केंद्र पर बनाया जाएगा। जिला अस्पताल पर पहले ही नोटिस लग चुका है कि वहां केवल उन्हीं केसों की एंट्री होगी जो सीधे वहीं से संबंधित होंगे।
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अभी तक यह देखा जा रहा था कि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर पहुंचने वाले घायल मरीजों को केवल पट्टी बांधकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद MLC बनाने में समय लगता था और कानूनी प्रक्रिया में देरी होती थी।
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कुशीनगर डॉ चंद्रप्रकाश ने बताया कि, “अब प्रत्येक CHC प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि वे चोटिल मरीज का पूरा विवरण दर्ज कर मौके पर ही MLC तैयार करें और तभी रेफर करें। इससे मरीज का समय बचेगा, कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी होगी और पुलिस जांच में पारदर्शिता आएगी।”
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे पीड़ितों के हित में बड़ा कदम बताया है।
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