प्रधानमंत्री आवास योजना की किरण गरीब के मकान तक नहीं पहुंची, जिम्मेदारों ने विधवा महिला की नही सुनी बात, अधिकारी भी मौन
आपदा की घड़ी में भूखे प्यासे बच्चो के साथ बरसात खुलने का देख रही है आस, मौसम की मार ने बेसहारा विधवा को भूखे प्यासे रहने को किया मजबूर
कृष्णा यादव,तमकुहीराज /कुशीनगर। हृदय विधायक यह दृश्य देखने के लिए काफी है कि जनपद कुशीनगर में जिम्मेदार अधिकारी कितना गैर जिम्मेदराना कार्यों में लिप्त रहते हैं की भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सही लाभार्थी को नहीं मिल पा रहा है जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को छत मुहैया कराने का सरकार ढिढोरा पीट रही है। वहीं सरकार के नौकरशाह सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं।
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इसीका जीता जागता उदहारण देखने को मिला कुशीनगर जनपद में, तमकुही राज तहसील क्षेत्र के एक ऐसे परिवार की विडंबना सामने आई है जो इस आपातकालीन स्थिति में आवास के अभाव में पटहेरवा थाने के सामने ओवरफ्लाई के पास स्थित एक दुकान में अपने बच्चों को लेकर के रात गुजार रही है।
सोशल मीडिया पर प्रकाशित खबर के अनुसार ग्राम सभा पटहेरवा निवासिनी बेवा सुभावती पत्नी तेगा प्रजापति शुक्रवार की रात में आई तेज आंधी और बारिश के बीच फूस का घर उजड़ जाने के बाद आंधी- पानी में अपने बच्चों को लेकर के पटहेरवा बाजार में स्थित एक दुकान के आगे कट्रेन के नीचे बैठकर बच्चों के साथ बिना खाए पीए रात्रि गुजारने को मजबूर है। बीना खाए- पिए उसके बच्चे बरसात में बैठ कर आने -जाने वाले लोगों के तरफ हसरत भरी निगाहों से देख रहे हैं, कोई मसीहा तो एक रोटी और पानी दे दे।
यह स्थिति इस परिवार के सामने क्यों आई है कि उसके पास सरकार के द्वारा दिए जा रहे गरीबों को आवास का लाभ नहीं मिला है। आज भी उसकी फूस की मड़ई है जो आधी पानी में उजड़ गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से गरीब असहाय पीड़ित विधवा महिला ने जनपद कुशीनगर के जिला अधिकारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवास की मांग की है ताकि उसके नन्हे -मुन्ने बच्चे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत के नीचे जीवन यापन कर सकें।
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