निर्भय राज सिंह, कुशीनगर। एस पी पब्लिक स्कूल ने स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। यह समारोह विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता के 10 स्वर्णिम वर्षों को समर्पित रहा। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की ओर से प्रस्तुत की गई सरस्वती वंदना से हुई।
यह भी पढ़ें :बाबू गेंदा सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी आयोजित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नित्यानंद किशले ने कहा कार्यक्रम का विषय “A Decade of Learning, Leadership and Legacy” उस प्रेरणादायी यात्रा को दर्शाता है, जिसमें एस पी स्कूल ने शिक्षा के हर पहलू में नवाचार, समग्र विकास और सामुदायिक जिम्मेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। बीते दस वर्षों में यह संस्थान केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों की पाठशाला बन चुका है।नित्यानंद जी संपूर्ण बिहार के ड्रग कंट्रोलर हैं । इस अवसर पर विद्यालय की 10 वर्षों की उपलब्धियों, प्रगति और नवाचार की यात्रा को प्रस्तुत किया गया।
समारोह में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
इस अवसर पर संरक्षक डॉ शक्ति प्रकाश पाठक ने कहा “यह सिर्फ सालगिरह नहीं, बल्कि उस सपने का जश्न है जिसे हमने दस साल पहले बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए देखा था। एस पी स्कूल की यह यात्रा विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के उस विश्वास का प्रतीक है जिसने हमें हर कदम पर आगे बढ़ाया। आने वाले वर्षों में हम अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो उन्हें न केवल सफल, बल्कि संवेदनशील इंसान बनाए।
कार्यक्रम में सबसे बड़ा आकर्षण रहा नए स्किल सेंटर की घोषणा, जो बच्चों में रचनात्मकता, खोजबीन और व्यवहारिक सीख को प्रोत्साहित करेगा। यह सेंटर विद्यार्थियों को आने वाले डिजिटल युग के कौशलों से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
दसवीं सालगिरह का यह उत्सव न केवल उपलब्धियों का है बल्कि उन सपनों और मेहनत का सम्मान भी, जिसने एस पी स्कूल को आज शिक्षा की दुनिया में एक चमकता सितारा बना दिया है।
इस अवसर पर डायरेक्टर आदित्य विशाल पाठक, ट्रस्टी नवेंदु शेखर, प्रधानाचार्य विनीत मणि त्रिपाठी, मंच संचालक इमरान अंसारी, अध्यापक गण संदीप सिंह, अमर गिरी, राज कपूर, गौरी तिवारी, प्रियंका जायसवाल, रियाज अंसारी इत्यादि उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें :राजेन्द्र बहादुर सिंह,पूर्व प्राचार्य ने किया बाल-मेला का उद्घाटन


