पेंशन बंद करने के आदेश पर सेवानिवृत्ति गन्ना शोध संस्थान के कर्मचारियों में नाराजगी
कृष्णा यादव, तमकुही राज /कुशीनगर। गन्ना शोध परिषद मे दिसंबर माह में सेवा निवृत कर्मचारियों की पेंशन बंद करने की जानकारी मिली तब से पूरे उत्तर प्रदेश के साथ ही गन्ना शोध संस्थान सेवरही के कर्मचारियों ने असंतोष एवं नाराजगी व्यक्त किया है।
यह भी पढ़ें :मतदाता सूची पुनरीक्षण पर प्रशासन सक्रिय
गन्ना शोध संस्थान सेवरही के सेवानिवृत कर्मचारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 तक राज्य सरकार के नियमों के अनुसार पूरी पेंशन मिलती थी परंतु तत्कालीन सचिव संजय आर, भूसरेड़ी ने अगस्त 2019मे आदेश जारी कर पेंशन बंद कर दिया।
विरोध बढ़ने पर स्वावित्त पोषी पेंशन योजना लागू कर 40% पेंशन भुगतान करना शुरू किय, जिसे घटाकर फिर 34% कर दिया। सितंबर 2025 में माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद में दायर याचिका के आधार पर सभी पेंशनों को पूर्ण पेंशन देने का आदेश पारित हुआ था, इसके बावजूद भी पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
माननीय हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी पेंशन बहाली नहीं होने से सेवानिवृत कर्मचारियों में दैनिक दिनचर्या एवं परिवार के सामने एक विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। सेवानिवृत होने के बाद कर्मचारियों को पेंशन न मिलाना सारी उम्र गन्ना शोध संस्थान में सेवा देना किसका प्रतिफल माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी गन्ना शोध संस्थान के द्वारा पेंशन नहीं देने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है जगह-जगह कर्मचारी आंदोलन रत हैं यहां भी सेवानिवृत कर्मचारी आंदोलन पर जाने की तैयारी में लगे हुए हैं।
यह भी पढ़ें :सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती में देवरिया आए कैबिनेट मंत्री ने अरविंद सिंह पटेल से कुशीनगर का हाल जाना


