मां अकेले शिक्षक व गुरु की भूमिका में होती है- मंगलेश श्रीवास्तव
कृष्णा यादव, तमकुही राज /कुशीनगर। मां के न रहने पर उसकी करुण स्मृतीयां बच्चे के मन में हमेशा रहती है। मां बेटे का संबंध दुनिया का अटूट, अद्भुत होता है। मां प्यार,दुलार व पुचकार कर जीवन का मार्गदर्शन करती है। अकेले ही शिक्षक व गुरु की भूमिका में होती है। जो पुत्र माता पिता के बताए पदचिन्हों पर चलते हैं। जीवन में हमेशा सफल रहते हैं।
शुक्रवार को गांव बसडिला बुर्जुग में अपनी मां के लाल असली लाल, संजय लाल श्रीवास्तव ने मां मैनावती देवी के चौदहवीं पुण्यतिथि पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर गोरखपुर मंगलेश श्रीवास्तव ने उक्त बातें अपने संबोधन में कहीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के हाथों हजारों जरुरतमंदों को कंबल व गरम कपड़े वितरित किए गए। जहां विशिष्ट अतिथि विनय जायसवाल चेयरमैन पडरौना,संत दिव्य सागर महाराज, भाजपा नेत्री अर्चना पांडेय ने भी अपनी बातें कही।
पुण्यतिथि की अध्यक्षता पूर्व विधायक नंद किशोर मिश्रा, संचालन साहित्यविद् नंदा पांडेय ने किया। जहां पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मिश्रा, भाजपा मीडिया प्रभारी डा बच्चा पांडेय,पू.प्रधानाचार्य सुरेंद्र पांडेय, चेयरमैन त्रिभुवन जाय आदि रहे।
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