उदय सिंह लोधी,दमोह। हटा ब्लॉक के रनेह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आए गंभीर और संवेदनशील मामले पर प्रशासन ने बिना समय गंवाए तत्काल संज्ञान लिया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिस सक्रियता, मानवीय संवेदना और प्रशासनिक दृढ़ता का परिचय दिया, वह एक बार फिर जिलेभर में चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
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सूचना मिलते ही तड़के सुबह करीब 5 बजे कलेक्टर कोचर ने स्वयं फोन अटेंड किया और स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट, सख्त निर्देश देते हुए तत्काल एम्बुलेंस और चिकित्सकीय टीम को मौके पर भेजा। उनकी तत्पर पहल का नतीजा यह रहा कि प्रसूता को समय रहते सुरक्षित हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया। वर्तमान में माँ और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
कलेक्टर कोचर ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए दो टूक कहा कि “इस तरह की संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने दोषी चौकीदार, संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। वेतन रोकने, सेवा समाप्ति और डॉक्टर के बॉन्ड पीरियड बढ़ाने जैसी सख्त कार्यवाही के संकेत से प्रशासनिक अमले में स्पष्ट संदेश गया है कि जवाबदेही तय होकर रहेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई के पहले अल सुबह कलेक्टर ने पीड़ित परिजनों से स्वयं संवाद कर उनकी पीड़ा सुनी और भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है। यही कारण है कि आमजन के बीच कलेक्टर की छवि एक संवेदनशील, सजग और जनहित को सर्वोपरि रखने वाले अधिकारी के रूप में और मजबूत हुई है।
रनेह स्वास्थ्य केंद्र का यह मामला भले ही व्यवस्था की कमियों को उजागर करता हो, लेकिन कलेक्टर सुधीर कोचर की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि दमोह प्रशासन जनता की सुरक्षा, सम्मान और जीवन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


