कॉलेज में शिक्षकों के कुल 17 पद स्वीकृत, तैनाती महज 10 शिक्षकों की।
मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, एडीएम (न्यायिक) एवं एसडीएम को सौंपा गया था मांग-पत्र।
शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर वर्षों से उठ रही थी आवाज
कृष्णा यादव,तमकुही राज/कुशीनगर। स्थानीय क्षेत्र के मठिया श्रीराम स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटरमीडिएट कॉलेज लंबे समय से शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। इसके चलते कॉलेज में पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित रही, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी असंतोष बना रहा।
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कॉलेज में 17 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 10 शिक्षक एवं एक प्रभारी प्रधानाचार्य ही तैनात हैं। वर्ष 2018-19 से शिक्षण कार्य प्रारंभ होने के बावजूद छात्र संख्या लगभग 200 है, जबकि नियमित उपस्थिति करीब 100 विद्यार्थियों की ही रहती है। कॉलेज के आसपास जंगल, श्मशान घाट और नाला होने के कारण अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इस कॉलेज का शिलान्यास वर्ष 2014 में हुआ था। भवन में 22 कक्ष और 30 शौचालय निर्मित हैं, लेकिन साफ-सफाई और नियमित जलापूर्ति के अभाव में शौचालयों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। पुस्तकालय और प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पर्याप्त पुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
कॉलेज में वर्षों तक बिजली आपूर्ति न होने के कारण कंप्यूटर लैब, इंटरनेट तथा प्रयोगशालाएं निष्क्रिय रहीं, जिससे आधुनिक शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। स्थानीय निवासी व समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी के लगातार प्रयासों के बाद हाल ही में कॉलेज परिसर में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कराया गया है। इससे अब कंप्यूटर लैब, इंटरनेट, कला गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के सुचारु संचालन की उम्मीद जगी है।
डॉ. मोहन तिवारी इससे पहले भी वर्ष 2021 में कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग को लेकर जिलाधिकारी कुशीनगर कार्यालय के बाहर अनशन कर चुके हैं। उस समय प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए समस्याओं का समाधान कराया था, हालांकि कुछ समय बाद हालात फिर पूर्ववत हो गए। समाजसेवी डॉ. तिवारी का संघर्ष पूर्व में भी ठोस परिणाम दे चुका है। वर्ष 2021 में उन्होंने तमकुहीराज–सिसवा–अहिरौलीदान जर्जर मुख्य सड़क निर्माण को लेकर भूलिया बाजार में लगभग 56 दिनों तक आंदोलन और अनशन किया था। यह आंदोलन उस समय मीडिया की सुर्खियों में रहा, जिसके बाद जनदबाव बना, टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई, वित्तीय स्वीकृति मिली और सड़क का निर्माण कई करोड़ रुपये की लागत से पूरा कराया गया।
हाल ही में एक बार फिर कॉलेज की समस्याओं को लेकर डॉ. मोहन तिवारी ने सांसद देवरिया, जिलाधिकारी कुशीनगर, मुख्य विकास अधिकारी कुशीनगर, उपजिलाधिकारी तमकुहीराज सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्रक सौंपकर शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति, बुनियादी सुविधाओं की बहाली और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि कॉलेज की समस्याओं को लेकर संबंधित विभागों को पत्र भेज दिया गया है और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई कर समाधान कराया जाएगा।
समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद कुछ सुधार देखने को मिला है। उन्हें संतोष है कि व्यवस्था अब धीरे-धीरे बेहतर होती दिखाई दे रही है और जो कमियां शेष हैं, उन्हें भी सरकार और प्रशासन तक लगातार पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।
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