जिले के डीएफओ का नहीं उठता है फोन
वीरेंद्र सिंह, तिलोई/अमेठी। वन विभाग के विभिन्न इलाकों में घने कोहरे का फायदा उठाकर लकड़ी माफियाओं द्वारा वन विभाग के फारेस्ट गार्डो से सांठ-गांठ कर बिना परमिट के ही हरियाली का सत्यानाश किया जा रहा है। वहीं जब इस मामले में जब वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जन मानस शिकायत करता है। कार्रवाई की बजाय फारेस्ट गार्ड और वन कर्मियों द्वारा लकड़ी कारोबारियों से मोटी रकम लेकर मामले पर पर्दा डालने का काम किया जाता है ।
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सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कुकहारामपुर में आम नीम गूलर के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान विना किसी परमिट के ही कटवा दिए गए इसके अलावा बरसाती नाले पर सरकारी चिलबिल के चार पेड किसान के पेड़ बताकर काट दिए गए। इन्हौना थाना क्षेत्र के शेखन गांव में आम के हरे-भरे वृक्ष बिना किसी की परमिट के शेखनगांव में लकड़ी कारोबारी शोहराब हाफिज निवासी दिलावलगढ़ द्वारा कोहरे का फायदा उठाकर भरे आम के पेड़ को नेस्तनाबूद कर दिया।
इसी तरह इन्हौंना थाना क्षेत्र के करनगांव यूसुफनगर कोटवा शेखनगांव जिजौली राजापुर फत्तेपुर पूरे जहांन सहित दर्जनों गांवों में प्रतिबंधित भरे भरे लहलहाते पेड़ों की कटान लकड़ी कारोबारियों द्वारा की गई। इसके अलावा मोहनगंज थाना क्षेत्र के रास्तामऊ कोची बहुआ सरदारगंज मिर्जागढ़ सहित दर्जनों गांवों में घने कोहरे का फायदा उठा कर प्रतिबंधित लकड़ियों की कटान जोरों शोरों से चल रही है। लकड़ी कारोबारियों द्वारा कोहरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से कारोबार किया जा रहा है। जिस पर वन विभाग व पुलिस विभाग अंकुश लगाने में नाकाम दिखाई दे रहा है।
यदि पत्रकारों द्वारा इसकी सूचना जिले के डीएफओ से करने की कोशिश की जाती है तो सवालों से बचने के लिए डीएफओ अमेठी रणवीर मिश्रा द्वारा पत्रकारों के नंबर को ब्लॉक कर दिया जाता है , हिंदी दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता द्वारा जब डीएफओ से अवैध कटान के बारे में उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई तो जिले के वन विभाग के मुखिया ने पत्रकार से सवाल जबाव करने की बजाय वाट्स एप नंबर पर प्रतिबंध लगा दिया।
गौरतलब हो कि तिलोई तहसील क्षेत्र में प्रतिबंधित पेड़ों की कटान काफी तेजी से चल रही है जिसका आलम यह है कि कोयला भट्ठियों पर लकड़ी कारोबारियों द्वारा आम तथा महुआ की लकड़ियों का भण्डारण किया जा रहा है सूत्रों का कहना है कि शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में सूफियान की कोयला भट्ठी पर प्रतिबंधित लकड़ियों का भण्डारण किया गया है।
इसके अलावा वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत के चलते लाइसेंसी आरा मशीनों पर प्रतिबंधित लकड़ियों का भण्डारण गैर कानूनी तरीके से किया जा रहा है जो कि वन अधिनियम के तहत् गैर कानूनी है क्षेत्र में हो रही प्रतिबंधित लकड़ियों की कटान से लेकर कोयला भट्ठियों के संचालकों से अवैध कारोबार के एवज में डिप्टी रेंजर सचिन गौतम के मातहत फारेस्ट गार्ड, तथा अन्य वन विभाग के जिम्मेदार लोगों द्वारा मोटी रकम ली जाती है इस मामले में जब जिले के प्रभागीय वनाधिकारी डीएफओ रणबीर मिश्रा से जब उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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