मुकेश कुमार (क्राइम एसोसिएट इन चीफ) संभल (उत्तर प्रदेश)। जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद – मस्जिद के बाद अब फिर से एक बड़ा मामला सामने आया है, इस बार चौधरी के पास स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर मस्जिद और दादा मियां मजार को प्रशासन ने गलत ठहराया है, साथ ही यहां लीज वाले बाजार को भी बिना बताए निर्देश दिए गए हैं। मस्जिद और मजार के निर्माण को हटाने में 15 दिन का समय लगा है।
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रविवार को धीरेंद्र कुमार सिंह लेखपालों के साथ नागालैंड क्षेत्र के स्मारक चौधरी क्षेत्र में दादा मियां की मजार पर स्थित हैं। उन्होंने कब्रिस्तान की भूमि की जांच की तो जांच के दौरान कब्रिस्तान की 32 विश्राम भूमि पर मस्जिद और मजार बनी हुई है। जबकि भूमि राजस्व विभाग के अभिलेखों में कब्रिस्तान का नाम दर्ज है। मस्जिद व इमाम के ख़िलाफ़ बताया गया है।
इतना ही नहीं यहां प्रत्येक शुक्रवार को एक सप्ताह के बाजार में भी प्रयोग किया जाता है। जिसके बारे में जानकारी में पता चला कि वह बिना लाइसेंस के बाजार में उतर रहा है। ऐसे में उन्होंने कहा कि यह भूमि कब्रिस्तान की भूमि है और इसका उपयोग कब्रिस्तान के रूप में ही किया जाएगा। मस्जिद में मजार के निर्माण को गलत बताया गया, इस पर मस्जिद कमेटी की ओर से 15 दिन का समय मांगा गया है।
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इस पर उन्हें समय दिया गया, जिससे वे स्वयं हट गए और यहीं के साथ सप्ताहांत बाजार में बंद हो गए। क्योंकि बिना लाइसेंस के बाजार में भेदभाव के साथ शांति व्यवस्था बनी है, मस्जिद के साथ ही विवाद की स्थिति पैदा हुई है। इसी को लेकर सुरक्षा की नजर से ऐहतयातन यह कदम उठाया गया है। जांच के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। धर्मशास्त्री कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से समय दिया गया है। यदि इसके बाद भी वह स्वयं नहीं हटाते हैं तो उन्हें आगे नोटिस देते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


