सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन वृहद एतिहासिक कंबल वितरण, कर गरीबों को लाभान्वित करना पुण्य का कार्य है- पंडित नंदकिशोर मिश्रा
कृष्णा यादव,तमकुहीराज/ कुशीनगर। ठंड के मौसम मेंकम्बल वितरण से गरीबों को ठंड से बचाव, कम जोखिम और भावनात्मक आराम मिलता है। ऐसे कार्यक्रम से बुजुर्गों, बेघर लोगों और आपदा प्रभावितों जैसे कमजोर वर्गों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करके, अभी प्रियम ग्रुप ने समाज में सौहार्द और करुणा को बढ़ावा दिया है।
यह भी पढ़ें :जिले में हुआ वृहद और एतिहासिक कंबल वितरण सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया अभिषेक मिश्रा का जन्मदिवस
उक्त बातें सेवरही विकास खण्ड ग्राम सभा सरया खुर्द टोला नैनुपहरू में 16 नवम्बर को अभिप्रियम ग्रुप के सी0एम0डी अभिषेक मिश्रा के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित विशाल वृहद कंबल वितरण के दौरान पुर्व विधायक पं0 नन्द किशोर मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। श्री मिश्र कंबल वितरण के बारे मे बताया कि कंबल वितरण से शारीरिक सुरक्षा: ठंड से तत्काल राहत और सुरक्षा मिलती है कंबल ठंड से संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करता है ज़रूरतमंदों को गर्म रहने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करता है।ठंड के महीनों में भावनात्मक आराम और सुरक्षा की भावना प्रदान करता है।
लोगों को महसूस कराता है कि उनकी देखभाल की जाती है।सामाजिक एकजुटता और करुणा को बढ़ावा देता है। और यह दर्शाता है कि समाज के कमजोर वर्गों की परवाह करता है।
जरूरतमंदों बेघर लोगों, कम आय वाले परिवारों और आपदा से प्रभावित लोगों को गर्मी और आराम प्रदान करता है। कंबल वितरण यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों और बुजुर्गों जैसे कमजोर समूहों को बुनियादी ज़रूरतें मिलें। कंबल वितरण भोजन, चिकित्सा देखभाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं जैसे अन्य राहत प्रयासों का हिस्सा होता है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक मिश्रा को अपने जन्मदिन के अवसर ऐसे कार्यक्रम के बधाई देते हुए आगे भी ऐसे कार्यक्रम के आयोजन करने कि प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार नेता समाजसेवीयो ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत राधेश्याम त्यागी ने अपने समा बाधते हुए कहा कि अभिप्रियम ग्रुप परिवार के सभी सदस्यों को हृदय की गहराई से धन्यवाद देता हूं कि आप उज्जवल भविष्य हो।

यह भी पढ़ें :पेंशन बंद करने के आदेश पर सेवानिवृत्ति गन्ना शोध संस्थान के कर्मचारियों में नाराजगी


