बिहार और उत्तर प्रदेश मैं घुड़सवारी के शौकीन लोगों के घोड़े का 29 सितंबर को गुड़दौड रेस प्रतियोगिता में होगा प्रदर्शन
घुड़सवारी के शौकीन पूर्व सांसद बालेश्वर यादव आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप में घूडदौड़ रेस का करेंगे शुभारंभ
कृष्णा यादव, तमकुही राज/ कुशीनगर। उत्तर प्रदेश , बिहार सीमा पर स्थित तमकुही राज तहसील क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में प्रसिद्ध समाजसेवी अवध ठाकुरई एवं काशी ठाकुरई के सौजन्य से पहली बार घुड़दौड़ रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। एक दिवसीय घूबदौड़ प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 29 नवंबर को सुबह 10 से आयोजित है, जिसमें उत्तर प्रदेश एवं बिहार के घोड़ा रखने के शौकीन लोगों के घोड़े इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।
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अभी से घोड़ों का आना शुरू हो गया है। जिनके खाने और रहने की व्यवस्था काशी ठाकुरई के द्वारा की जा रही है। पूर्वांचल के बिहार सीमा पर स्थित बहादुरपुर गांव में इस तरह का पहला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।
इस प्रतियोगिता में पडरौना के पूर्व सांसद बालेश्वर यादव जो काफी पहले से घोड़े के शौकीन माने जाते हैं और आज भी घोड़ा पालते हैं उनकी अध्यक्षता में यह आयोजन अभिभूत होगा। रोचक रोमांटिक यह पहला प्रतियोगिता इस क्षेत्र के लोगों में एक नई ऊर्जा का स्रोत होगा जिससे लोगों में प्रतिस्पर्धा जागेगी। दौड़ता हुआ घोड़ा समृद्ध सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार दौड़ता हुआ घोड़ा जीवन में प्रगति और उपलब्धि का प्रतीक है यह प्रगति करियर व्यवसाय और विवाह में हो सकती है। यह घोड़े का जाना माना गुण है, जिसका प्रदर्शन प्रतियोगिता में होने जा रहा है।
विजय अश्वधावकों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी घुड़सवारों का सम्मान पूर्वक परतोषिक देखकर नवाजा जाएगा। युक्त जानकारी प्रतियोगिता के आयोजन मंडल सदस्य अवध ठाकुरई के द्वारा दूरभाष पर प्रेस को दी गई है।
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