समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने की जनकल्याण की प्रार्थना, 15 वर्षों से निभा रहे परंम्परा
कृष्णा यादव,तमकुहीराज/कुशीनगर। लोक आस्था और सूर्योपासना का चार दिवसीय पावन पर्व छठ पूजा मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ।
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तमकुहीराज क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय मठिया श्रम निवासी समाजसेवी, वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. पं. मोहन तिवारी ने इस वर्ष भी परंपरा का निर्वाह करते हुए दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद (खेड़ीपुल) स्थित छठ घाट पर लोक आस्था के इस महान पर्व को पूरे विधि-विधान से मनाया। भोर की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ छठ घाट पर उमड़ पड़ी।
घाट पर “छठ मइया के गीतों” की मधुर गूंज और शंखध्वनि के बीच जब समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने जल में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाएँ सिर पर सुपली में ठेकुआ, फल और नारियल सजाए खड़ी थीं, वहीं बच्चों ने दीप और फूलों से घाट की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर डॉ. तिवारी ने कहा कि“छठ मइया का आशीर्वाद ही जीवन की ऊर्जा है। यह पर्व हमें अनुशासन, संयम, कृतज्ञता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। मैं पिछले 15 वर्षों से इस व्रत को करता आ रहा हूँ और हर वर्ष इससे नई सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।”उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण के संरक्षण और समाज में भाईचारे की भावना फैलाने की अपील की।
पूरे आयोजन के दौरान फरीदाबाद खेड़ीपुल स्थित छठ घाट पर सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्था का विशेष प्रबंध किया गया था। डॉ. तिवारी की पहल पर स्थानीय युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। श्रद्धालुओं ने समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी की 15 वर्षों से लगातार निभाई जा रही छठ व्रत परंपरा और सेवा भावना की सराहना की। छठ पूजा के समापन के साथ ही श्रद्धालु महिलाओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और “जय छठ मइया” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
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