स्वास्थ विभाग की मेहरबानी ही है की तुर्कपट्टी फाल चौराहे पर अवैध अल्ट्रासाउंड चर्चा मे है।
“स्वास्थ विभाग के किसके संरक्षण में चल रहा बिना पंजीकरण के अल्ट्रासॉउन्ड क्लीनिक और अस्पताल, विभाग है अंजान या विभागीय सह पर फल – फूल रहे ऐसे स्वास्थ्य सेवाएं।”
बिना पंजीकरण के चल रहे क्लीनिक और अस्पताल, विभाग है अंजान
tv9भारत समाचार लाइव ,अविनाश राव : तुर्कपट्टी/ कुशीनगर। बिना रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक चलाना कानूनी तौर पर सही नहीं है। भारत में, किसी भी क्लिनिक को संचालित करने के लिए क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक चलाने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है और जुर्माना भी लग सकता है।
यह भी पढ़ें :समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर बनाने के लिए प्रबुद्धजनों का लगा जमावड़ा
जबकि इसके विपरीत DR. बंगाली,तुर्कपर्ट्टी द्वारा क्लिनिक के साथ ही बिना डिग्री व पंजीयन के बैखौफ सर्जरी भी किया जाता है।वहीं, स्वास्थ विभाग की मेहरबानी ही है की तुर्कपट्टी फाल चौराहे पर अवैध अल्ट्रासाउंड चर्चा मे है। जिससे मरीजों की जान माल दोनों खतरे में पड़ सकती है।
इसी का जीता- जागता उदाहरण है CHC तमकुहीराज अंतर्गत तुर्कपट्टी बाजार में बंगाली डाक्टर के नाम पर चल रहा संगीता क्लिनिक, जहाँ बैखौफ सैंपल की दवाओं पर भी ज्यादा से ज्यादा धनउगाई की जाती है। मरीजों को बतौर हॉस्पिटल की तरह बोतल भी चढ़ाया जाता है। जानकारी के मुताबिक यही नहीं, यहां के बंगाली डॉ बाबू सर्जरी करने से भी नहीं चूकते हैं।
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य महकमा ऐसे बिना पंजीयन,अप्रशिक्षित डॉक्टर पर नकेल कसता है कि अपना कृपा पात्र बनाकर मरीजों की जान- माल से खिलवाड़ करने की खुला छूट देता है।
अब देखना यह है की कुशीनगर CMO ऑफिस कब तक ऐसे झोला छाप डॉक्टरों पर कार्यवाही करता है। क्या, नवागत cmo कुशीनगर के लिए अवैध स्वास्थ्य सेवाएं चुनौती है ?


