ब्यूरो मुकेश साहनी, महराजगंज।
महराजगंज / “ जीवन भर का साथ अचानक टूट जाए, तो कुछ कोमल दिल उस विरह की पीड़ा को सहन नहीं कर पाते।” महराजगंज के नगर पंचायत पनियरा के वार्ड नंबर 10 दीन दयाल नगर में एक ऐसा ही मर्माहत कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने हर सुनने वाले की आँखों को नम कर दिया। यहाँ एक बुजुर्ग दंपति की प्रेम कहानी का अंत इस तरह हुआ कि दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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क्षेत्र के निवासी 70 वर्षीय लालमन सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बुधवार की रात उन्होंने हमेशा की तरह भोजन किया और विश्राम करने चले गए। उनकी 62 वर्षीय पत्नी रूमाली देवी भी उनके समीप ही सोई थीं। गुरुवार की सुबह जब रूमाली देवी की नींद खुली, तो उन्होंने अपने पति को जगाने का प्रयास किया। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर जब उन्होंने गौर से देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई—लालमन सिंह इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। पति के निर्जीव शरीर को देख रूमाली देवी बदहवास हो गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर घरवाले और पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रूमाली देवी अपने पति के वियोग में जोर-जोर से विलाप कर रही थीं और अचानक वे अचेत होकर गिर पड़ीं। जब तक परिजन उन्हें संभाल पाते या अस्पताल ले जाते, तब तक उनकी भी धड़कनें थम चुकी थीं।एक ही घर में पल भर के भीतर हुई दो मौतों से पूरे गांव में मातम छा गया। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह दंग रह गया।
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच गहरा प्रेम था और शायद यही वजह थी कि रूमाली देवी अपने पति के बिना एक क्षण भी जीवित नहीं रह सकीं। गुरुवार को जब दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, तो अंतिम संस्कार में शामिल हर शख्स की आंखें भर आईं।
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