टाउन क्लब सेवरही तथा चीनी मिल के तत्वाधान में पूर्व में इस खेल मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता का होता रहा आयोजन
विभिन्न राजनीतिक दलों का इस मैदान में लगता था लोकमंच भारी संख्या में जुड़ती रही है भीड़
कृष्णा यादव, तमकुहीराज कुशीनगर। सेवरही के गेंदा खेली मैदान जिसका सदियो से जनता,खिलाङी और विभिन्न राजनीतिक दल उपयोग करते रहे है उसका चाहर दिवारी कर दो रास्तो को बन्द करने से व्यापारियो मे आक्रोश व्याप्त है और उन्होने सरकारी भूमि का अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाते हुए शासन व प्रशासन से आमजन के लिए खुलवाने कि माँग किया है।
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नगर पंचायत सेवरही का गेंदा खेली मैदान मे सन2019तक लोगों के लिए एक ऐसा स्थान था जहाँ लोग सुबह शाम टहलते वही दिन मे बच्चे फुटबाल व क्रिकेट खेलते थे।विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओ कि सभा तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमो के लिए यह मैदान नगर के बीचो बीच होने के कारण सुरक्षित व उपयुक्त माना जाता था।यहाँ पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेई,पूर्व मुख्य मंत्री मुलायम सिंह यादव,लालू प्रसाद यादव,मुख्य मंत्री नितीश कुमार,कल्याण सिंह,राजनाथ सिंह,उमा भारती,सुषमा स्वराज,राहुल गाँधी,बाबा रामदेव सहित विभिन्न दलो के सैकङो नेता सभा कर चुके है।कथा वाचक पं0श्रीकांत शर्मा भी एक बार नव परायण राम कथा और दुसरी बार दुर्गा पुराण कि कथा सुना चुके है जिसमे लगभग बीस हजार श्रोताओ ने कथा श्रवण किया था।लेकिन आज उसकी चाहरदिवारी कर उसके दो रास्तो को बन्द कर देने से व्यापारियो मे आक्रोश व्याप्त है।

जनता के मौलिक अधिकारो का हनन नही होने दिया जायेगा-सोनिया जायसवाल
“सेवरही नगर पंचायत अध्यक्ष सोनिया जायसवाल ने कहा कि जनता के मौलिक अधिकारो का हनन नही होने दिया जायेगा।उन्होने कहा कि मेरे कार्यकाल के पूर्व चीनी मिल व्दारा गेंदा खेली मैदान मे जाने वाले प्रवेशद्वार को बन्द कर दिया गया था।जनता कि मौखिक शिकायत पर मैने उपजिलाधिकारी को पत्र लिख स्थलीय सत्यापन कि माँग किया।
तमकुहीराज उपजिलाधिकारी के आदेश पर लेखपाल व्दारा भौतिक स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट जिसमे अभिलेख मे टाउन एरिया सेवरही/ गेंदा खेली मैदान दर्ज व बंजर भूमि होना बताया गया। जिसके बाद नगर पंचायत ने यू0पी0सुगर कम्पनी को जनवरी से नवम्बर के बीच आधा दर्जन पत्र भेजा गया। लेकिन जबाब नही दिया गया तब 30नवम्वर 2025को पन्द्रह दिन के अन्दर बंद प्रवेशद्वार को जनहित मे पूर्व कि भाँति स्वंय खोलवाने के लिए नोटिस दिया गया।
साथ ही कहा गया कि ऐसा न होने पर बंजर नवैयत खसरा सं0664/0’194हे0ए0सार्वजनिक भूमि तक पहुंचने मे उत्पन्न अवरोध व अतिक्रमण हटवा दिया जायेगा। जिसके बाद उक्त भूमि पर सुगर कम्पनी ने न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया।नगर पंचायत के तरफ न्यायालय मे अपना पक्ष रखने के लिए तैयारी किया जा रहा है।”
पूर्वांचल व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष व सभासद पप्पु जायसवाल का आरोप है कि गेंदा खेली का मैदान सरकारी जमीन है जबकि उसी के अगल बगल चीनी मिल कि भी जमीन है जो अघौगिक क्षेत्र मे नही आता है फिर भी चीनी मिल ने चहरदिवारी कराकर सभी रास्तो को बन्द कर आमजन का प्रवेश वर्जित कर गलत किया है जिसे व्यापारी समाज वर्दास्त नही करेगा।
वैश्य समाज भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मायाशंकर निर्गुणायत ने कहा कि चीन मिल ने प्रवेश व्दार बन्द कर युवाओ के साथ साथ खेल प्रेमियो के भावनाओ के साथ अन्याय किया है ।नगर पंचायत को तत्काल इसे खुलवाना चाहिए। उ0प्र0वैश्य व्यापारी महासंघ प्रदेश महामंत्री अमरनाथ गुप्ता व स्वर्णकार संघ अध्यक्ष हीरालाल सोनी ने कहा कि कस्बे कि हृदय स्थली के रास्तो को चीनी मिल व्दारा कब्जा कर लेना जनप्रतिधियो के उदासीनता का परिचायक है।आमजन के हित मे इसे खुलवाना चाहिए और शासन प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
बताया जाता है कि जनता कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए सेवरही नगर पंचायत कार्यालय ने उपजिलाधिकारी से लिखीत शिकायत कर जाँच कि माँग किया जिसके बाद उपजिलाधिकारी तमकुहीराज के प्रेषित पत्र 16दिसम्बर 2025को राजस्व विभाग व्दारा भौतिक स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट माँगा गया।जिसमे लेखपाल ने प्रेषित आख्या मे बताया है कि सेवरही टाउन एरिया अवस्थित आराजी सं0-664क्षेत्रफल 0’194हे0ए0 राजस्व अभिलेख मे दो मिला जुलाई खाता मे अंकित हैअ0सं0664/0’854हे0ए0यू0पी0सुगर कम्पनी व 664/0’194हे0 बंजर के नाम से अंकित है। भूचित्र मे गति का विभाजन नही हुआ है।मौके पर आराजी सं0664मे सुगर कम्पनी का क्वार्टर बने है बीच मे फील्ड (खुला क्षेत्र)है।परन्तु मौके पर सम्पूर्ण हिस्सा जिसमे बंजर भूमि भी शामिल है सुगर कम्पनी व्दारा चाहरदीवारी बनाकर कब्जा किया गया है।
व्यापारियो सहित आम नागरिको कि कहना है कि लगभग सन 1914 मे चीनी मिल चालू हुआ। तबसे सन 2019तक यानि 106बर्ष तक किसी ने प्रवेश द्वार को बन्द नही किया और गेंदा खेली का मैदान जनता उपयोग करती रही। जिसे बन्द कर जनता के मौलिक अधिकारो का हनन करने का कार्य किया गया। उन्होने माँग किया कि पूर्व कि भाँति बन्द रास्तो को खोला जाय ताकि खिलाङी और आम जन उपयोग कर सके।
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