पुलिस ने गैंग बनाकर लूट करने वाले दो शातिर अपराधियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत की कड़ी कार्रवाई
लगातार वारदातों से फैला रहे थे दहशत, अब कानून के शिकंजे में आए गिरोह के सदस्य
दिनेश चंद्र मिश्र,गोरखपुर। संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना एम्स पुलिस ने लूटपाट की घटनाओं में सक्रिय दो शातिर अपराधियों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की है।
यह भी पढ़ें :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया पदयात्रा का नेतृत्व
थाना एम्स पुलिस ने बताया कि गैंग लीडर अनिल चौहान पुत्र कोईल चौहान निवासी बड़ी रेवतिहिया थाना पिपराइच और उसके साथी उग्रसेन चौहान उर्फ लाला पुत्र स्व. राम सिंह चौहान निवासी खुटहवा तुर्रा नाला थाना पिपराइच मिलकर एक संगठित गिरोह बनाकर लूट, मारपीट, गाली-गलौज, अवैध शस्त्र रखने और आमजनमानस में भय व आतंक फैलाने जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे।
पुलिस जांच में यह पाया गया कि यह गिरोह भौतिक व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में लूट, चोरी, शस्त्र अधिनियम, मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी जैसे संगीन अपराधों के एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इनकी बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और समाज में व्याप्त भय के मद्देनज़र पुलिस द्वारा विस्तृत गैंग चार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर की अनुमति के पश्चात दोनों अपराधियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। इसके तहत थाना एम्स पर मु0अ0सं0 453/25 धारा 2(ख) (i), (iv), (xi)/3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
अभियुक्तों का विवरण एवं आपराधिक इतिहास
1. गैंग लीडर – अनिल चौहान पुत्र कोईल चौहान, निवासी बड़ी रेवतिहिया थाना पिपराइच, गोरखपुर
इस अपराधी पर कुल 12 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें –
धारा 392, 411 भादवि (लूट व चोरी)धारा 307, 504 भादवि व 3/25/27 आर्म्स एक्ट (हत्या का प्रयास व अवैध शस्त्र)धारा 457, 380 भादवि (रात में चोरी व घर में घुसपैठ)धारा 323, 325, 506 भादवि (मारपीट व धमकी)जैसे प्रकरण शामिल हैं।
2. गैंग सदस्य – उग्रसेन चौहान उर्फ लाला पुत्र स्व. राम सिंह चौहान, निवासी खुटहवा तुर्रा नाला थाना पिपराइच, गोरखपुर
इस अपराधी पर भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें धारा 392, 394, 411 भादवि (लूट व डकैती)धारा 307, 504 भादवि व 9/25 आर्म्स एक्ट (हत्या का प्रयास व अवैध हथियार)धारा 120बी (षड्यंत्र)धारा 2/3 यूपी गैंगेस्टर एक्ट जैसे मुकदमे शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों अपराधी गोरखपुर शहर और आसपास के इलाकों में लंबे समय से सक्रिय थे। इनके विरुद्ध थाना एम्स, थाना पिपराइच और थाना शाहपुर में कई आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं।गोरखपुर पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों की वजह से क्षेत्र में भय का माहौल था। अब इन पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
थाना एम्स पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों के मनोबल को तोड़ना और समाज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें :टीईटी अनिवार्यता को लेकर, 24 को जंतर मंतर पर धरना देंगे शिक्षक


