दिनेश चंद्र मिश्र,गोरखपुर/लखनऊ। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित पांच कालिदास मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलों और जिलों के अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में एक भी मौत स्वीकार्य नहीं है और ठंड व कोहरे के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोहरे के दौरान हाईवे, स्टेट रोड और शहरी मार्गों पर विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए। सभी ब्लैक स्पॉट का पुनः सर्वे कर वहां रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग, स्टड लाइट और स्पीड कंट्रोल उपाय तत्काल पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है, इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे में वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट—इन सभी पर कठोर प्रवर्तन किया जाए। ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से विशेष चेकिंग अभियान चलाएं और नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। बस और ट्रक चालकों के नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य करने के भी निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर दिख रहा है, लेकिन संतोष की कोई गुंजाइश नहीं है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 19,149 लोगों की मृत्यु हुई, जो 2024 में बढ़कर 24,118 हुई, परंतु वृद्धि दर 2021 के 10.83 प्रतिशत से घटकर 2024 में मात्र 1.97 प्रतिशत रह गई है। इसी प्रकार प्रति 10,000 वाहनों पर दुर्घटनाओं की संख्या पिछले पांच वर्षों में लगभग स्थिर बनी हुई है, जो प्रभावी नियंत्रण का संकेत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन या पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और शिक्षा विभाग सभी की समान भूमिका है। दुर्घटना होने की स्थिति में गोल्डन ऑवर में इलाज सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों की तत्परता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर मासिक समीक्षा, जन-जागरूकता अभियान और स्कूल-कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि हर दुर्घटना रोकी जा सकती है, हर जान की कीमत है—लापरवाही पर जवाबदेही तय।
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