जितना भाई उतना धान सुरहिया निगल बहनों ने सुबह नदी तालाब पोखरों में गीत गाते हुए पिडिया का विसर्जन किया
कृष्णा यादव, तमकुही राज /कुशीनगर। रूद्र व्रत पिया का त्यौहार लड़कियां भाई बहन के त्यौहार के रूप में पारंपरिक रूप से मानती हैं। यह त्यौहार भाई बहन के प्यार का प्रतीक है। इस त्यौहार के जरिए वे अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्ध की कामना करती हैं।यह व्रत गोवर्धन पूजा के बाद शुरू होता है और इसमें लड़कियां रात भर जाग कर चिड़िया के गीत गाती हैं और भाई के लिए प्रार्थना करती हैं। रूद्र व्रत वीडियो का त्यौहार चिड़िया विसर्जन के साथ ही शनिवार के दिन 22 नवंबर 2025 को श्रद्धा पूर्वक मनाया गया।
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इसकी शुरुआत भैया दूज के साथ ही हो जाता है, गोवर्धन पूजा के दिन महिलाएं गोवर्धन को कूटने के बाद से उसी से निकली गोबर शेर घरों में प्रिया लगती हैं, वही एक माह तक महिलाएं और लड़कियां पारंपरिक गीत गाती हैं और मार्गशिर्ष अगहन की अमावस्या को इस वीडियो को छुड़ाती हैं
तमकुही राज में शनिवार के दिन सुबह रूद्र व्रत पीडिया की धूम रही कुंवारी लड़कियां और महिलाएं समूह में गीत गाते हुए रानी के पोखरा एवं अन्य तालाबों पर पहुंच कर पारंपरिक गीतों के साथ पिडिया को प्रवाहित किया। इसी के साथ इस व्रत का समापन हुआ। भारतवर्ष में हर रिश्ते के लिए त्यौहार है और भाई बहन के लिए कई त्योहार मनाए जाते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है प्रत्येक वर्ष अगहन शुक्ल पक्ष को मनाया जाने वाला रूद्रब्रत वीडियो पौराणिक कथाओं में इसका महत्व प्राचीन काल से ही बताया जाता है।
इस व्रत की खास बात यह है कि सोरहिया धान की संख्या भाइयों के अनुसार ही होती है यानी व्रत रखने वाली लड़की के जितने भाई होते हैं। उसी के अनुसार 16धान से चावल निकाल कर वह सोरहियां निगलती हैं। व्रत के बाद उत्साह पूर्वक पिडिया विसर्जन के बाद सभी कन्याएं अपने साथ लाई चिवड़ा और मिठाई एक दूसरे में आदान-प्रदान करती हैं। फिर पारण कर व्रत तोड़ते हैं। शनिवार के दिन रूद्र व्रत पीडिया का परंपरागत त्यौहार श्रद्धा एवं साहपूर्वक मनाया गया। बहनों ने अपनी-अपने भाई की लंबी उम्र एवं सुख समृद्धि की कामना की।
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