दिनेश चंद्र मिश्र,गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ;आरएसएस. की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए कहा कि आरएसएस जैसा तेजस्वी और ओजस्वी संगठन पूरी दुनिया में नहीं है।
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मुख्यमंत्री गुरुवार को देर शाम गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति आर्यनगर की तरफ से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी आर एस एस ने समाज को संबल देकर भारतीय मूल्यों और आदर्शों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि जो कार्य सरकारें नहीं कर पाईं वह कार्य आरएसएस ने करके दिखाया है।
योगी ने कहा कि आरएसएस शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा में सेवा के माध्यम से इस संगठन ने समाज को जोड़ने का कार्य किया है। बारह हजार से अधिक शिशु मंदिरों और विद्या भारती के जरिए तथा हजारों स्वास्थ्य प्रकल्पों के माध्यम से इसने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। भारतीय मजदूर संघ के माध्यम से श्रमिकों और श्रीराम वनवासी छात्रावास के जरिए वनवासी बच्चों के कल्याण की बात हो या फिर गोरक्षा कीए आरएसएस का योगदान समाज के हरेक क्षेत्र में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस के अभिनव संकल्प का सबसे बड़ा सरकार रूप है अयोध्या में बना श्रीराम मंदिर। श्रीराम मंदिर सनातन संकल्प और एकता की ताकत का एहसास भी है। योगी ने कहा कि आरएसएस ने विभिन्न क्षेत्रों में जो कार्य किए हैं उसके लिए प्रत्येक भारतीय और हर सनातनी को कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्ता के प्रति कृतज्ञापित करना सनातन की पहचान है। कृतज्ञता ज्ञापन धर्म भी है और दायित्व भी।
योगी ने आगे कहा कि हमें समाज के दुश्मनों से सावधान रहना होगा। जिन्हें सौहार्द पसंद नहीं है उनसे भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार धर्मांतरण विरोधी और लव जिहाद के खिलाफ भी विधेयक लाई है। इन दोनों प्रकार की साजिशों से सख्ती से निपटा जा रहा है लेकिन समाज को भी जागरूक रहना होगा। यदि हम एकजुट रहेंगे तो दुनिया की कोई भी ताकत हमारा बाल बांका नहीं कर पाएगी।
उन्होंने आजादी के शताब्दी महोत्सव 2047 तक देश, प्रदेश, नगर और हर गांव को विकसित बनाने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें यह तय करना होगा कि हमें 2047 तक कैसा भारत या कैसा उत्तर प्रदेश चाहिए। मच्छर, माफिया से त्रस्त या पहचान की संकट वाला गोरखपुर या आज हर समस्या से मुक्त और विकास के पथ पर अग्रसर गोरखपुर। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व प्रदेश की पहचान दंगाए गुंडागर्दीए बेटी व्यापारी की असुरक्षा के चलते थी। इसे बीमारू राज्य कहा जाता था। आठ वर्ष पूर्व पर्व और त्यौहार शांतिपूर्ण मना पाना सपने जैसा था मगर आज हकीकत है। आज का उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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